गंगा

 

गंगा विचार है दर्शन है

नित पूजन है अभ्यर्थन है

है संस्कृति की संवाहक

गंगा सभ्यता का दर्पण हैganga

तेजोमय प्रवाह है ये

जीवन पद्धति निर्वाह है ये

है मोक्षदायिनी उद्धारक

ऊर्जा का एक उछाह है ये

उर्वरता का वैविध्य है ये

वैतरणी का सानिध्य है ये

है मातृशक्ति जीवन जननी

आगम निर्गम आविध्य है ये

प्राणों में मूलाधार है ये

आनंद है ये त्योहार है ये

है परिवर्तन की द्रष्टा यह

भारत भू को उपहार है ये  …….

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