जल ही जीवन

 

जल से बना शरीरjal

प्राण का यह आधार

बिन पानी मच जाए

जग में हाहाकार

सागर से उठ रहा मेघ

कब ये बरसे

बूंद बूंद को लालायित

जन मन तरसे

घिरे घटा घनघोर

आस हर मन में है

निर्विवाद यह सत्य

कि जल ही जीवन है …….

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