फाँस

 

करें शर संधान पर

लक्ष्य पर कैसे लगे ?

सो गया देवत्व जो अब

नींद से कैसे जगे ?

करें हम किसका दहन

लायें कहाँ से विभीषण ?

कुम्भकर्णी व्यवस्था में

दशानन ही दशानन !

न ही वो रणक्षेत्र है

न जानकी को आस है

राम के सामर्थ्य पर

कैसी लगी ये फाँस है ?????

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