बदरंगे तस्वीर

करो विसर्जित आज काल के

बदरंगे तस्वीरों को !

प्रण ये कर लो प्राण आज

खींचोगे नयी लकीरों को ,

किस्से अब जो हुए पुराने

क्यों तुम उसको दुहराओ ,

नए सुरों में ढाल गीत

क्यों न  तुम आज नया गाओ !

 हो समर्थ तुम व्यर्थ यूँ ही

अपने मन से घबराते हो ,

अपनी क्षमताओं को नाहक

कमतर क्यों जतलाते हो !

कर लो ये विश्वास वीर ,

बदलोगे तुम तकदीरों को ,

करो विसर्जित आज काल के

बदरंगे तस्वीरों को !

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s