माँ

सत्य का सौंदर्य शास्वत, समर्पण का सार है |

आदि  शक्ति स्वरूपा है , सृष्टि का आधार है ||

साधना  के  तपोवन  में  ज्ञान  का प्रकाश  है |

अष्ट  कमलदल के मध्य अनुप्राणित श्वास है ||

विश्रांति  के  पलों  में  मोक्ष  का  आभास है |

निराशा  के  तिमिर  को  काटता प्रकाश है ||

धैर्य   का  चरम  है  शौर्य की अभिव्यक्ति है |

पुण्यतम चरित्र है माँ , ब्रम्ह की ये भक्ति है ||  

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